Output device क्या है? (What is Output device in hindi) Output device के प्रकार

Output Device क्या है? इसका जवाब क्या आपको पता है अगर नहीं तो आज इस आर्टिकल में आप सभी यही जानेंगे। कि यह कंप्यूटर के Output Device क्या है? और Output Device के उदहारण।

Computer System में अनेक प्रकार के डिवाइस का प्रयोग होता है। जिन्हें कार्य के अनुसार दो भागों में बांटा गया है।

  1. Input Device 
  2. Output Device 

यह वे Device  है। जो किसी भी प्रकार के कंप्यूटर मशीन में प्रयोग किए जाते हैं अगर आप एक कंप्यूटर स्टूडेंट है। तो आपने इन दोनों Device के बारे में जरूर सुना होगा यह कंप्यूटर का Basic part है और हर कंप्यूटर स्टूडेंट को इसका पता होना जरूरी है। कि  ये Output Device क्या है और आज हम इन Output Device के बारे में जानेगे।

कंप्यूटर में अनेक प्रकार के Device होते हैं। जैसे माउस, जॉय स्टिक, मॉनिटर आदि इन सभी डिवाइस के प्रयोग से कंप्यूटर के Input and Output कार्य को किया जाता है। इन्हीं कार्य के अनुसार Devices को बांटा जाता है।

तो चलिए, जाने Output Device क्या है, Output device के बारे में-, Output device के उदहारण-

Output device kya hai, types of output device, example of output device


Output Device क्या है? (What is Output device in hindi?)

जैसा की Output device के नाम से पाता चलता है Out का अर्थ होता है "बहार" और Put का अर्थ "देना" होता हैं। सरल शब्दो में कहा जाये तो Output device "वे device होते हैं। जिनका प्रयोग कंप्यूटर में दिए निर्देश (Input) के अनुसार समाप्त हुए कार्य को हमारे सामने प्रस्तुत करने वाले Devices को हम Output Device कहते हैं।"

जब हम किसी Input device के जरिए कंप्यूटर system में किसी निर्देश को Input करते हैं। तब कंप्यूटर Processing Unit उस निर्देश के अनुसार कार्य करता है और जब यह कार्य समाप्त हो जाता है। तब Output device के जरिए, कंप्यूटर हमें इन कार्य का परिमाण प्रस्तुत करता है।

कंप्यूटर में Process हुए कार्य को जिन डिवाइस के जरिए हमारे सामने प्रस्तुत किया जाता है उन्हें Output device कहा जाता है।

Output device की परिभाषा (Defination of Output Devices)

Output device वे डिवाइस है। जिनका प्रयोग कंप्यूटर के Processing unit द्वारा पूरे किए गए, कार्य के परिमाण को हमारे सामने प्रस्तुत करने वाले Devices को Output Device कहा जाता हैं यहाँ तक पढ़ने के बाद आप जान चुके होंगे की ये Output device क्या है, Output device के बारे में और जानने के लिए आर्टिकल को पूरा पढ़े।

Output device के प्रकार (Types of Output Devices)

आप ने यह जान लिया कि कंप्यूटर Output device क्या है? तो चलिए अब इनके प्रकार के बारे में जानते है। कि आउटपुट डिवाइस कितने प्रकार के होते हैं और इनका क्या क्या कार्य होता है नीचे दिए लेख में आप यही जानेंगे।

मॉनिटर (Monitor) 

मॉनिटर एक Output device है। जिसे हम Visual display unit के नाम से जानते हैं इस डिवाइस का प्रयोग कंप्यूटर के द्वारा Processing Work को किसी Video, image, visual graphic की फ्रॉम में हमारे सामने दिखाना होता है। ये मॉनिटर दिखने में कुछ टेलीविजन जैसा होता है।

मॉनिटर में छोटे-छोटे डॉट्स होते हैं। जिन्हें हम Pixels भी कहते है यह डॉट एक प्रकार से छोटे-छोटे बल्ब लाइट होती हैं जो तीन Colour को show करती हैं RED, GREEN, BLUE इन्ही तीन कलर के Different Combination से Picture video graphic मॉनिटर पर दिखाई दे पाती हैं।

इनकी संख्या मॉनिटर स्क्रीन पर लाखों में होती है। जिसे मास्टर की Visual sharpness और Picture Quality अच्छी हो पाती है। यह मॉनिटर को अच्छी Resolution प्रदान करते हैं जिस से पिक्चर क्वालिटी बढ़िया होती है।

मॉनिटर के प्रकार (Types of Monitor)

मॉनिटर तीन प्रकार के होते हैं।

  1. CRT ( Cathode Ray Tube)
  2. LCD ( Liquid Crystal Display )
  3. LED( Light Emitting Diode )

C.R.T 

C.R.T एक प्रकार का मॉनिटर Output device होता है। यह मॉनिटर साइज में बहुत बड़े होते हैं और इनका आकार कुछ टेलीविजन जैसा होता है टेलीविजन की तरह ये अपनी पिछली साइड से उभरे हुए होते हैं। इनकी इमेज क्वालिटी इनके पिक्सेल पर निर्भर करती है। और पहले के Computer में इन Monitors को देखा जा सकता हैं।

C.R.T के फायदे 

  1. आज यह मॉनिटर बहुत सस्ते हो गए हैं।
  2. ये मॉनिटर कलर फुल डिस्पले में भी उपलब्ध होते हैं।

C.R.T के नुकसान

  1. यह बहुत बड़ी मात्रा में बिजली प्रयोग करता है।
  2. इस मॉनिटर की स्क्रीन में 80 करैक्टर डाटा होरिजेंटली और 25 लाइन वर्टिकली दिखाई जा सकती हैं।
  3. C.R.T मॉनिटर आकार में बहुत बड़े होते हैं।

Flat-Panel Display Monitor

Flat panel display monitor वह मॉनिटर होते हैं। जो आकार में, वजन में, पावर में, की तुलना में कैथोड राय ट्यूब (C.R.T) मॉनिटर से बहुत अधिक कम होता है। इन मॉनिटर में अपने नाम की तरह Flat panel का प्रयोग किया जाता हैं।

यह मॉनिटर इतने पतले होते हैं। कि इन्हें हम अपने दीवार पर लगा सकते हैं इन मॉनिटर में वीडियो, ऑडियो क्वालिटी बहुत अच्छी होती है और आज इन डिस्प्ले का प्रयोग हम स्मार्टफोन, वीडियो गेम, लैपटॉप, कंप्यूटर मॉनिटर में करते हैं।

फ्लैट पैनल डिस्पले दो प्रकार के होते हैं।

  1. NON EMISSIVE DISPLAY
  2. EMISSIVE DISPLAY

NON EMISSIVE DISPLAY

वे डिस्प्ले होती है। जो Optical effect की सहायता से Sunlight को कन्वर्ट करके किसी Graphic pattern में बदल देती हैं। उदाहरण-Liquid crystal diode (L.C.D)

Liquid Crystal Diode (L.C.D)

Liquid Crystal diode एक प्रकार का फ्लैट पैनल डिस्प्ले है। जो आकार तथा पावर में बहुत कम होते हैं इनकी इमेज क्वालिटी भी बहुत अच्छी होती है इनका प्रयोग हम लैपटॉप मोबाइल, फोन, नोटबुक में करते हैं।

EMISSIVE DISPLAY

यह वे डिस्प्ले होती हैं। जो Electrical energy को लाइट में चेंज करती हैं इस डिस्प्ले का प्रयोग आज Non EMISSIVE डिस्प्ले से ज्यादा किया जाता है क्योंकि यह पिक्चर क्वालिटी में बहुत अच्छे होते हैं इनका उदाहरण Light emitting diode (L.E.D)

Light Emitting Diode (L.E.D)

Light Emitting Diode एक प्रकार का फ्लैट पैनल डिस्प्ले होता है। जो साइज शेप और हाई पिक्चर क्वालिटी में Liquid Crystal Diode से बहुत अच्छा होता है इन डिस्प्ले की पिक्चर क्वालिटी बहुत अच्छी होती है और यह पावर कंजंक्शन में बहुत अच्छे होते हैं।

फ्लैट पैनल डिस्पले के फायदे

  1. यह डिस्प्ले शेप साइज पावर कंजक्शन में कैथोड राय ट्यूब से अच्छे होते हैं।
  2. इन डिस्प्ले की पिक्चर क्वालिटी बहुत अच्छी होती है।

फ्लैट पैनल डिस्प्ले के नुकसान

  1. यह डिस्प्ले अपने अच्छी सुविधाओं के कारण बहुत महंगे होते हैं।
  2. ये आकार में हल्के होने के कारण यह बहुत नाजुक होते हैं। जिस कारण इनके टूटने की संभावना अधिक हो जाती है

प्रिंटर (PRINTER)

प्रिंटर एक Output device होता है। जिसका प्रयोग हम अपनी रोज-मरा के जीवन में प्रयोग करते हैं यह वे डिवाइस होते हैं जिनके प्रयोग से हम किसी भी इंफॉर्मेशन या डाटा को किसी पेपर पर प्रिंट या लिख सकते हैं। इन डिवाइस की मदद से हम किसी भी इनफॉरमेशन डॉक्यूमेंट का एक अन्य हार्ड कॉपी बना सकते हैं वह भी कुछ सेकंड में,

प्रिंटर के प्रकार (Types of Printer)

प्रिंटर दो प्रकार के होते हैं।

  1. IMPACT PRINTER 
  2. NON IMPACT PRINTER

अगर प्रिंटर की Printing specialty के आधार पर उनके प्रकार की बात करें तो यह तीन प्रकार के होते हैं।

  1. डॉट प्रिंटर
  2. लॉन  प्रिंटर
  3. पेज प्रिंटर

हम इन सभी प्रकार के प्रिंटर पर बात करेंगे और इनके उदाहरण भी देंगे।

इंपैक्ट प्रिंटर (Impact Printer)

इंपैक्ट प्रिंटर वे होते हैं। जिनमें किसी भी ink ribbon पर हार्ड मेटल से Strike करके पेपर पर कुछ Text प्रिंट किए जाते हैं। हमारे कहने का अर्थ यह है कि इस प्रिंटर में एक ink ribbon होता है जिसके ऊपर हम अपना Blank paper को रखते हैं। इस पेपर और रिबन के बीच में बहुत कम गैप होता है।

इसके साथ साथ इस प्रिंटर में कुछ हार्ड मेटल के छोटे-छोटे hammer होते हैं। जिसके ऊपर अलग-अलग Text छपे होते हैं जब हम हमर से पेपर पर स्ट्राइक करते हैं तो hammer पर छपे Text का आकार पेपर पर छप जाता है तो इस प्रकार यह प्रिंटर कार्य करते हैं।

इंपैक्ट प्रिंटर के फायदे

  1. यह बल्क प्रिंटिंग के लिए अच्छे होते हैं क्योंकि इनकी प्रिंटिंग कॉस्ट Cost कम होती है।
  2. इन प्रिंटर की कीमत कम होती है।

इंपैक्ट प्रिंटर के नुकसान

  1. यह Striking के कारण बहुत अधिक Noisey होते हैं।
  2. इनकी मेंटेनेंस समय-समय पर करवानी पड़ती है।

इंपैक्ट प्रिंटर के उदाहरण

  1. डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर
  2. DAISY व्हील प्रिंटर 

डॉट प्रिंटर (Dot Printer)

डॉट कैरेक्टर प्रिंटर वे प्रिंटर होते हैं। जो किसी एक समय में एक कैरेक्टर को प्रिंट कर सकते हैं उन्हें कैरेक्टर प्रिंटर कहा जाता है इसके उदाहरण

  1. डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर
  2. डेजी व्हील प्रिंटर

डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर (Dot Matrix Printer)

डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर एक बहुत प्रसिद्ध प्रिंटर है। जिसका प्रयोग इतिहास में बहुत अधिक किया गया है ये प्रिंटर एक समय में एक डॉट या बिंदु प्रिंट कर सकता है। यह एक सेकंड में 200 से 600 डॉट प्रिंट करता है और इन डॉट के प्रयोग से ही प्रिंटर किसी भी करैक्टर का आकार बनाता है इन प्रिंटर का प्रयोग PAYROLL बनाने तथा एकाउंटिंग में किया जाता है।

डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर के फायदे 

  1. यह प्रिंटर अधिक Costly नहीं होते हैं।
  2. इन से अनेक भाषा में प्रिंट किया जा सकता है।

 डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर के नुकसान

  1. यह बहुत नॉइसी होते हैं।
  2. डॉट प्रिंट करने के कारण इन की स्पीड बहुत स्लो होती है।

डेज़ी व्हील (Daisy Wheel)

डेज़ी व्हील प्रिंटर एक इंपैक्ट प्रिंटर होता है। जो किसी Wheel के आकार का होता है। इसलिए इसे डेज़ी व्हील प्रिंटर कहा जाता है इस Wheel के ऊपर बहुत सारे Metallic pin लगी होती है जो अलग-अलग कैरेक्टर प्रिंट करने के लिए प्रयोग किया जाता है इस प्रिंटर से एक समय में एक कैरेक्टर प्रिंट कर सकते हैं और इसका प्रयोग ऑफिस में लेटर प्रिंटिंग के लिए किया जाता था।

डेज़ी व्हील प्रिंटर के फायदे

  1. इसकी प्रिंटिंग क्वालिटी बहुत अच्छी है।
  2. इन कैरेक्टर pin को हटाकर इसमें नए फोन वाले कैरेक्टर pin भी लगाए जा सकते हैं।

डेज़ी व्हील प्रिंटर के नुकसान

  1. बाकी सभी इंपैक्ट प्रिंटर की तरह यह भी बहुत नॉइसी होते हैं।
  2. डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर के मुकाबले यह महंगे हैं।

लाइन प्रिंटर (Line Printer)

लाइन प्रिंटर एक इंपैक्ट प्रिंटर का प्रकार है इन प्रिंटर में एक समय में एक पूरी लाइन प्रिंट करी जा सकती है इसलिए इसे लाइन प्रिंटर कहा जाता है इसके उदाहरण

  1. ड्रम प्रिंटर (Drum printer)
  2. चैन प्रिंटर (Chain printer)

ड्रम प्रिंटर (Drum printer)

ड्रम प्रिंटर एक लाइन प्रिंटर होता है। जिसमें एक रोटेटिंग ड्रम लगा होता है इस ड्रम की सतह पर अनेक कैरेक्टर उभरे होते हैं जब पेपर इस रोटेटिंग धर्म पर आता है तब एक hammer उससे सही कैरेक्टर पर हिट करता है जिससे वह कैरेक्टर पेपर पर प्रिंट हो जाता है।

ड्रम प्रिंटर के फायदे

  1. यह प्रिंटर बहुत हाई स्पीड से कार्य करते हैं।
  2. यह प्रिंटर 300 से 2000 लाइंस पर मिनट प्रिंट कर सकते हैं।

ड्रम प्रिंटर के नुकसान

  1. सभी इंपैक्ट प्रिंटर की तरह यह नॉइसी होते हैं
  2. ये प्रिंटर बहुत एक्सपेंसिव होते है

चैन प्रिंटर (Chain printer)

चैन प्रिंटर की मदद से एक समय में पूरी लाइन प्रिंट करा जा सकता है। इस प्रिंटर में एक चेन होती है और इस चैन के हर एक कड़ी पर एक कैरेक्टर होता है यह चैन एक मोटर के द्वारा रोटेट करती रहती है इसके के साथ-साथ एक कतार में बहुत सारे हैं Hammer लगे रहते हैं जब कोई पेपर इन चैन और हैमर के बीच आते हैं तब हैमर उसे स्पेशल कैरेक्टर पर हिट करके उसे पेपर पर छाप देता है।

चैन प्रिंटर के फायदे

  1. इस प्रिंटर में कैरेक्टर फोंट को बदला जा सकता है बस चैन को बदलना पड़ता है।
  2. इससे अलग-अलग लैंग्वेज में भी प्रिंट किया जा सकता है।

चैन प्रिंटर के नुकसान

  1. यह बहुत नाइस ही होते हैं।

नॉन इम्पैक्ट प्रिंटर (Non Impact Printer)

नॉन इंपैक्ट प्रिंटर वे प्रिंटर होते हैं। जिनका प्रयोग आज Commercially हम अपने घरों में भी करते हैं इन प्रिंटर में इंपैक्ट प्रिंटर की तरह कोई हैमर वह Ink Ribbon नहीं होता।

इन प्रिंटर पर पेपर प्रिंट करने के लिए लाइट, लेजर या इंक स्प्रे का प्रयोग किया जाता है। यह प्रिंटर से बहुत कम आवाज आती है और इसकी प्रिंट क्वालिटी भी बहुत अच्छी होती है यह प्रिंटर एक समय में पूरे पेज को प्रिंट कर सकते हैं इसलिए इसे पेज प्रिंट भी कहा जाता है।

नॉन इंपैक्ट प्रिंटर के फायदे

  1. इसकी प्रिंटिंग क्वालिटी बहुत अच्छी होती है।
  2. यह प्रिंटर बहुत तेज कार्य करते हैं।
  3. यह अधिक आवाज नहीं करते।
  4. इसमें 1 से अधिक फॉन्ट का प्रयोग किया जा सकता है।

पेज प्रिंटर (Page Printer)

पेज प्रिंट वे प्रिंटर होते हैं। जिनकी सहायता से हम एक समय में पूरे 1 पेज को प्रिंट कर सकते हैं यह प्रिंटर 20 से 25 पेज पर मिनट प्रिंट कर सकते हैं इनके उदाहरण-

  1. लेजर प्रिंटर
  2. इंकजेट प्रिंटर
  3. फोटो प्रिंटर

लेजर प्रिंटर (Laser Printer)

लेजर प्रिंटर जिन में Laser light के माध्यम से पेपर पर प्रिंट किया जाता है। इसकी प्रिंटिंग क्वालिटी बहुत अच्छी होती है और इस के रेजोल्यूशन रेंज 200 से 400 डीपीआई होती है। यह प्रिंटर 20 से 24 पेज पर मिनट प्रिंट कर सकते हैं और यह प्रिंटर बहुत फास्ट व एक्सपेंसिव होते हैं।

लेजर प्रिंटर के फायदे

  1. यह प्रिंटर बहुत तेजी से कार्य कर सकते हैं।
  2. यह प्रिंटर की पेज प्रिंटिंग क्वालिटी बहुत अच्छी होती है।

लेजर प्रिंटर के नुकसान

  1. यह प्रिंटर बहुत महंगे होते हैं।

इंकजेट प्रिंटर (inkjet printer)

इंकजेट प्रिंटर एक नॉन इंपैक्ट प्रिंटर है। जिसमें किसी पेपर को प्रिंटर करने के लिए कुछ इंक को पेपर पर Spray किया जाता है इसकी प्रिंटिंग क्वालिटी बहुत अच्छी होती है तथा इसमें नाइस भी बहुत कम होता है।

इंकजेट प्रिंटर के फायदे

  1. इसकी प्रिंटिंग क्वालिटी लेजर प्रिंटर से अच्छी होती है।
  2. इसमें फॉन्ट को चेंज किया जा सकता है।

इंकजेट प्रिंटर के नुकसान

  1. इस प्रिंटर की पेज पर Cost बहुत ज्यादा होती है।
  2. लेजर प्रिंटर के मुकाबले यह धीमे होते हैं।

इमेज प्रिंटर (Image Printer)

इमेज प्रिंटर एक Colourfull प्रिंटर है। यह प्रिंटर किसी सॉफ्टवेयर कंप्यूटर इमेज को किसी भी पेपर पर प्रिंट कर सकता है यह प्रिंटर में छोटे-छोटे कलर बॉक्स होते हैं और नोजल के जरिए यह प्रिंटर कलर से पेपर प्रिंट कर पाता है।

प्लॉटर (Plotter)

प्लॉटर एक Output Device है। जिसकी मदद से हम वेक्टर ग्राफिक्स को Draw कर सकते हैं इसके प्रयोग मैप, ब्लूप्रिंट ऑफ हाउस बिल्डिंग को ड्रॉ करने के लिए किया जाता है प्लॉटर इन सभी को ड्रॉ करने के लिए अलग-अलग कलर के Pen का प्रयोग करता है।

यह डिवाइस की ड्राइंग बहुत एक्यूरेट होती है। यह एक डॉट से लेकर लाइन को भी बहुत सटीकता से ड्रॉ करता है प्लॉटर एक आउटपुट डिवाइस होता है।

प्लॉटर दो प्रकार के होते हैं।

Drum Plotter

ड्रम प्लॉटर वे प्लॉटर होता है। जिनमें एक ड्रॉइंग पेन एक स्टेशनरी स्टैंड से जुड़ा होता है जो Horizontally और Vertically Move कर पाता है और इसके साथ एक रोटेटिंग ड्रम इस प्लॉटर में लगा होता है जो कि एक पेपर से लिपटा होता है जो आसानी से रोटेट कर पाता है जो ड्राइंग पिक्चर के हिसाब से क्लॉक और एंटी क्लॉक वाइज रोटेट करता है।

Flat bed plotter

यह प्लॉटर पर एक फ्लैट बेड होता है। जिस पर पेपर को रखा जाता है और एक मूवेबल पेन इसे फ्लैट बेड पर रखे पेपर पर वर्टिकली होरिजेंटली Move करके पिक्चर ड्रॉ करता है।

स्क्रीन प्रोजेक्टर (Screen Projector)

प्रोजेक्टर एक Output device होता है। इसकी मदद से हम अपने कंप्यूटर में चल रहे वीडियो, इमेज को किसी बड़े पर्दे या दीवार पर देख सकते हैं।

इस डिवाइस से एक वीडियो लाइट निकलती है जो किसी भी दीवार या सफेद परदे पर जब पड़ती है तो कंप्यूटर में चल रही स्क्रीन को उसे पर्दे पर दिखाती है।

इसके प्रयोग से हम अपने प्रेजेंटेशन दे सकते हैं तथा यह डिवाइस की मदद से हम अनके लोगों एक साथ वीडियो देख सकते हैं। यह डिवाइस आकार में छोटा होता है और इसका वजन भी बहुत कम होता है।

ऑडियो उत्तरदायी प्रणाली (Audio Responsive system output device)

यह वे डिवाइस होते हैं। जो साउंड या ऑडियो के आउटपुट के रूप में हमें सुनाते हैं जैसे स्पीकर, हेडफोन आदि यह साउंड इन डिवाइस में साउंड कार्ड के जरिए भेजी जाती है जो डिजिटल साउंड को एनालॉग साउंड में कन्वर्ट करके हमें सुनाता है। उदाहरण 

स्पीकर (Speaker)

स्पीकर एक आउटपुट डिवाइस होता है। जिसके प्रयोग से हम सॉन्ग वीडियो, सॉन्ग सुनने के लिए प्रयोग करते हैं। इन डिवाइस में तार के माध्यम से डिजिटल साउंड को भेजा जाता है जिससे साउंड कार्ड द्वारा एनालॉग साउंड में कन्वर्ट करके उसे हमारे सामने सुनाया जाता है इस डिवाइस में बिजली लो फ्रिकवेंसी के कारण वाइब्रेशन पैदा होती हैं जिससे हमें साउंड सुनाई देती है।

आज आपने क्या सीखा

इस आर्टिकल को पूरा पढ़ने के बाद आप सब को पता चला होगा की ये कंप्यूटर आउटपुट डिवाइस क्या है, आउटपुट डिवाइस के उदाहरण क्या है और ये आउटपुट डिवाइस कैसे कार्य करते है ऐसी ही अनेक जानकारी आपको इस आर्टिकल से मिले होगी।

हम आशा करते है की इस पढ़ने के बाद आप को ज्ञान हो गया होगा की यह आउटपुट डिवाइस क्या है और आउटपुट डिवाइस के उदाहरण क्या है आप को इन का पता चल चुके होंगे।

अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा तो नीचे जरूर कमेंट करके बताएं और अपना सुझाव दें और हमारे ब्लॉक को सब्सक्राइब करें।

Post a Comment

0 Comments